रोबोटिक्स

Triton कोलोनोस्कोपी रोबोट को FDA मंज़ूरी, ADR 54.2% रहा

Neptune Medical ने 16 सितंबर 2026 को बताया कि उसके Triton कोलोनोस्कोपी रोबोट, यानी Triton 1 System को पूरी बड़ी आँत में डायग्नोस्टिक और थेरेप्यूटिक प्रोसीजर के लिए FDA 510(k) मंज़ूरी मिल गई है। कंपनी की 50 मरीज़ों वाली CARE 1 स्टडी में रोबोट ने 35% के इंडस्ट्री पैमाने के मुकाबले 54.2% एडेनोमा डिटेक्शन रेट हासिल किया, और कोई प्रतिकूल घटना नहीं हुई। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी प्रैक्टिस के लिए यह एक ही सिस्टम में स्क्रीनिंग और जटिल रिसेक्शन के लिए ज़्यादा स्थिर एंडोस्कोप देता है।

लेखक: Mike Mozg5 मिनट में पढ़ें

कोलोनोस्कोपी में एंडोस्कोप का स्थिर कंट्रोल क्यों अहम है

Neptune Medical का कहना है कि एंडोस्कोप के अस्थिर होने से बड़ी आँत का अधूरा नज़ारा मिल सकता है और एडेनोमा, यानी कैंसर से पहले के घाव, छूट सकते हैं। कंपनी के मुताबिक, आज के एंडोस्कोप के डिज़ाइन में ही ऐसी सीमाएँ हैं जो उन्हें कंट्रोल करना मुश्किल बनाती हैं, भले ही गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट सालों की खास ट्रेनिंग ले चुके हों।

इस प्रोसीजर के पीछे की बीमारी आम है। Neptune के मुताबिक, कोलोरेक्टल कैंसर अमेरिका में कैंसर से मौत की दूसरी सबसे बड़ी वजह है और 50 साल से कम उम्र के वयस्कों को तेज़ी से प्रभावित कर रहा है। MedTech Dive के मुताबिक, American Cancer Society के शोधकर्ताओं ने हाल में पाया कि यह 50 से कम उम्र के वयस्कों में कैंसर से मौत की सबसे बड़ी वजह बन गया है।

कोलोनोस्कोपी स्क्रीनिंग का गोल्ड स्टैंडर्ड बनी हुई है, क्योंकि Neptune के मुताबिक यह इकलौता प्रोसीजर है जो एक ही सेशन में कैंसर से पहले के घाव ढूँढता भी है और हटाता भी है। स्टूल या ब्लड टेस्ट पॉज़िटिव आने पर भी उसके बाद कोलोनोस्कोपी करानी पड़ती है।

Neptune Medical ने Triton 1 System में क्या बनाया

Triton 1 फ़्लेक्सिबल एंडोस्कोपी के लिए एक रोबोटिक सिस्टम है, जिसे पूरी बड़ी आँत में स्थिरता, सटीकता और कंट्रोल देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। कैलिफ़ोर्निया के बर्लिंगेम में स्थित कंपनी का कहना है कि यह स्क्रीनिंग, सर्विलांस और डायग्नोस्टिक कोलोनोस्कोपी में किसी भी एंडोस्कोपिस्ट की क्षमता बढ़ा सकता है।

Healio के मुताबिक, 510(k) रास्ते से मिली FDA मंज़ूरी में बड़ी आँत के ज़्यादा जटिल थेरेप्यूटिक काम भी शामिल हैं। इनमें एंडोस्कोपिक म्यूकोसल रिसेक्शन (EMR) और एंडोस्कोपिक सबम्यूकोसल डिसेक्शन (ESD) शामिल हैं।

रोबोट केयर टीम के लिए प्रोसीजर को कैसे बदलता है

कंपनी के मुताबिक, ट्रायल में सिस्टम के साथ न मरीज़ की पोज़िशन बदलनी पड़ी, न पेट पर दबाव डालना पड़ा और न मैनुअल कोलोनोस्कोपी पर लौटना पड़ा। Neptune का कहना है कि रोबोट ने एंडोस्कोपिस्ट को मैनुअल काम के मुकाबले बेहतर एर्गोनॉमिक माहौल भी दिया।

University of California, Irvine में Division of Gastroenterology and Hepatology के प्रमुख डॉ. जेसन बी. समरसेना CARE 1 ट्रायल में शामिल थे। उन्होंने Healio को बताया कि डॉक्टर GI ट्रैक्ट में जितना आगे जाता है, कंट्रोल उतना कम होता जाता है, और Triton के साथ बड़ी आँत के दाहिने हिस्से में मिलने वाला कंट्रोल मैनुअल कोलोनोस्कोपी की क्षमता से आगे है। Healio ने बताया कि वे Neptune Medical से कंसल्टिंग फ़ीस लेते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह क्षेत्र उसी रास्ते पर चल रहा है जिस पर सर्जरी चली थी, ओपन सर्जरी से लैप्रोस्कोपिक सर्जरी और अब रोबोटिक सर्जरी तक।

CARE 1 स्टडी में क्या मापा गया

इंसानों पर हुई पहली CARE 1 स्टडी में 50 मरीज़ शामिल थे और इसने दोनों प्राथमिक एंडपॉइंट पूरे किए: कोई प्रतिकूल घटना नहीं और 100% सीकल इंट्यूबेशन। MedTech Dive के मुताबिक, नतीजे मई में जारी हुए थे।

Neptune के मुताबिक, रोबोट ने 54.2% एडेनोमा डिटेक्शन रेट हासिल किया, जबकि इंडस्ट्री का पैमाना 35% है। NASA-TLX स्कोर के आधार पर एंडोस्कोपिस्ट का औसत एर्गोनॉमिक बोझ मैनुअल कोलोनोस्कोपी से 67% कम रहा। ये 50 मरीज़ों की एक स्टडी से कंपनी के अपने आँकड़े हैं, रोज़मर्रा के क्लिनिकल इस्तेमाल का डेटा नहीं।

"Triton में कोलोनोस्कोपी को बुनियादी रूप से बदलने की क्षमता है, जिससे डॉक्टरों और उनके मरीज़ों, दोनों का अनुभव बेहतर होगा।" एलेक्स टिल्सन, Neptune Medical के संस्थापक और CEO

रोबोटिक कोलोनोस्कोपी से गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी प्रैक्टिस के लिए क्या बदलता है

किसी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी प्रैक्टिस या अस्पताल की एंडोस्कोपी यूनिट के लिए Triton जिस काम को सँभालता है, वह है बड़ी आँत की पूरी और स्थिर जाँच। ट्रायल के आँकड़े उन दो चीज़ों को छूते हैं जिन्हें ऐसी यूनिट ट्रैक करती है: उसके डॉक्टर कितने एडेनोमा पकड़ते हैं, और काम से उन पर कितना शारीरिक दबाव पड़ता है।

एक ही सिस्टम को स्क्रीनिंग और थेरेप्यूटिक रिसेक्शन, दोनों की मंज़ूरी है, इसलिए वही रोबोट रूटीन कोलोनोस्कोपी और ज़्यादा जटिल केस, दोनों में काम आ सकता है। घोषणा में कीमत, लॉन्च की तारीख या प्रोसीजर के समय का डेटा नहीं है, इसलिए लागत वाला पहलू अभी खुला है।

Neptune Medical के लिए आगे क्या

टिल्सन ने कहा कि Neptune, Triton की इस पीढ़ी से अपने ट्रायल के सबूतों को आगे बढ़ा रही है और एंडोस्कोपिस्ट से सीख रही है कि रोबोटिक्स उनके वर्कफ़्लो में कैसे फ़िट हो। यही समझ कंपनी के अगली पीढ़ी के प्लेटफ़ॉर्म को आकार देगी। समरसेना ने कहा कि वे कमर्शियलाइज़ेशन की राह पर इस सिस्टम पर और क्लिनिकल रिसर्च का इंतज़ार कर रहे हैं।

Neptune ने 2024 में Series D राउंड में 97 मिलियन डॉलर जुटाए। निवेशकों में Olympus और Sonder Capital शामिल थे, जिसकी सह स्थापना रोबोटिक सर्जरी के अगुआ और Neptune के चेयरमैन फ़्रेड मॉल ने की थी। उसी साल Neptune ने अपने टेक्नोलॉजी प्लेटफ़ॉर्म पर ध्यान देने के लिए अपनी सब्सिडियरी Jupiter Endovascular Inc. शुरू की।

सवाल और जवाब

Triton कोलोनोस्कोपी रोबोट को किस लिए मंज़ूरी मिली है?

FDA ने Triton 1 System को पूरी बड़ी आँत में डायग्नोस्टिक और थेरेप्यूटिक प्रोसीजर के लिए मंज़ूरी दी है। इसमें स्क्रीनिंग, सर्विलांस और डायग्नोस्टिक कोलोनोस्कोपी के साथ एंडोस्कोपिक म्यूकोसल रिसेक्शन और एंडोस्कोपिक सबम्यूकोसल डिसेक्शन भी शामिल हैं।

इंसानों पर पहली स्टडी में Triton का प्रदर्शन कैसा रहा?

Neptune के मुताबिक, 50 मरीज़ों वाली CARE 1 स्टडी में Triton के साथ कोई प्रतिकूल घटना नहीं हुई और 100% सीकल इंट्यूबेशन हुआ। इसने 35% के इंडस्ट्री पैमाने के मुकाबले 54.2% एडेनोमा डिटेक्शन रेट हासिल किया और मैनुअल कोलोनोस्कोपी की तुलना में औसत एर्गोनॉमिक बोझ 67% घटाया।

Neptune Medical में किसने निवेश किया है?

Neptune ने 2024 के Series D राउंड में 97 मिलियन डॉलर जुटाए। इसके निवेशकों में Olympus और Sonder Capital शामिल हैं, जिस फ़र्म की सह स्थापना Neptune के चेयरमैन फ़्रेड मॉल ने की थी।

MOZGII की राय

हम इसे कैसे बनाते

मेडिसिन में रोबोट सबसे ज़्यादा वहाँ मदद करते हैं जहाँ इंसानी हाथ को लंबे समय तक किसी औज़ार को ऐसी जगह स्थिर रखना पड़े जिसे वह ठीक से देख नहीं सकता: बड़ी आँत के अंदर गहराई में, पेट के अंदर, माइक्रोस्कोप के नीचे। Triton इसी तरह के काम का साफ़ उदाहरण है। हम रोबोट को एक बड़े सिस्टम का एक हिस्सा मानते और उसके आसपास के सॉफ़्टवेयर पर उतनी ही मेहनत करते जितनी खुद बाँह पर।

हम शुरुआत प्रोसीजर रिकॉर्ड से करते। हर केस में स्कोप की पोज़िशन, बड़ी आँत के हर हिस्से में बिताया समय, पाए और हटाए गए घाव, और एंडोस्कोपिस्ट की अपनी काम के बोझ की रेटिंग दर्ज होती। यही रिकॉर्ड अस्पताल को दिखाता कि रोबोट सिर्फ़ ट्रायल में नहीं, उसके अपने स्टाफ़ के नतीजे भी बदलता है या नहीं। वीडियो पर संभावित पॉलिप चिह्नित करने वाला AI मॉडल इसके ऊपर रखा जा सकता था, लेकिन हर नतीजे की पुष्टि डॉक्टर करता, और सिस्टम कभी खुद कोई केस बंद नहीं करता।

यह कहाँ टूटता? हैंडऑफ़ में और असामान्य मरीज़ में। हम मुश्किल केस जानबूझकर परखते, मैनुअल कोलोनोस्कोपी पर लौटने को एक कदम की दूरी पर रखते, और डॉक्टरों के साथ नर्सों और असिस्टेंट को भी ट्रेन करते। हम जिस एक मीट्रिक पर नज़र रखते, वह है महीनों में हर एंडोस्कोपिस्ट का एडेनोमा डिटेक्शन रेट, उसी व्यक्ति के मैनुअल केस से तुलना करके। इसके बाद हम एक रिव्यू टूल बनाते, जो हर डॉक्टर को दिखाए कि वह बड़ी आँत में कहाँ समय बिताता है और कहाँ घाव छूट जाते हैं।

स्रोत

इस खबर के तथ्य इन स्रोतों से लिए गए हैं।

  1. 01Neptune Medical secures FDA nod for endoscopy robot | MedTech Divemedtechdive.com
  2. 02Neptune Medical earns FDA clearance for its Triton 1 robotic system - The Robot Reporttherobotreport.com
  3. 03FDA clears robotic Triton 1 System for colonoscopyhealio.com

हम कुकीज़ का उपयोग करते हैं

हम MOZGII को बेहतर बनाने के लिए अज्ञात उपयोग डेटा एकत्र करते हैं। आपकी अनुमति के बिना कोई डेटा नहीं लिया जाता। गोपनीयता नीति · कुकी नीति